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कॉन्टिनेंटल अस्पताल प्रबंधक शासकीय अस्पताल के डॉक्टरों को ज्यादा वेतन का लाभ देकर स्वास्थ्य सुविधाओं पर कर रहा चोट –राजेश चौधरी

  


सुपर स्पेशलिस्ट कॉन्टिनेंटल हैदराबाद निजी संस्था द्वारा अपने ही अस्पताल में बस्तरवासियों को ईलाज हेतु मजबूर करना कतई बर्दाश्त नहीं

नेता प्रतिपक्ष नगर निगम जगदलपुर राजेश चौधरी ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जगदलपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने आज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल डिमरापाल को हैदराबाद की प्राइवेट संस्था कॉन्टिनेंटल प्रबंधन के द्वारा बस्तर जिला में पूर्व से स्थित स्वास्थ्य सुविधाओं पर चोट करते हुए स्वयं की संस्था कॉन्टिनेंटल के माध्यम से बस्तर वासियों इलाज कराने के लिए मजबूर करने के प्रयास करने को लेकर बस्तर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है राजेश चौधरी ने बताया कि बस्तर जिला में पूर्व से चल रही स्वास्थ्य व्यवस्था जिसमें डिमरापाल मेडिकल कॉलेज महारानी अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर को ज्यादा वेतन का लाभ देकर जिला अस्पताल एवं डिमरापाल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की सुविधाओं को बड़ा चोट देकर इलाज को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।जिससे बस्तरवासी शासकीय अस्पताल में असुविधाओं को देखते हुए मजबूरी में कॉन्टिनेंटल में बड़ी रकम देकर इलाज कराने के लिए मजबूर हो जाए ताकि कॉन्टिनेंटल को लाभ मिल सके वर्तमान में भी एक मात्र न्यूरो सर्जन को कॉन्टिनेंटल अपने संस्था में रखने के बाद शासकीय अस्पताल में न्यूरो सर्जन डॉक्टर विहीन हो गया है यदि इसी प्रकार से अन्य डॉक्टरों को भी ज्यादा वेतन का लालच देकर अपने संस्थान में नौकरी दे देते हैं तो जिले की शासकीय स्वास्थ्य सेवा पूर्ण रूप से चरमरा जाएगी जबकि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए अलग कैडर के डॉक्टरों की आवश्यकता पड़ती है यदि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हमारे शासकीय डॉक्टर से ही इलाज प्राप्त करना था तो फिर इस अस्पताल को करोड़ों रुपए खर्च करके एक प्राइवेट संस्था को देने का जरूरत ही क्या था प्राइवेट संस्था के अधिकारी से बात करने पर पता चला कि यह भारत सरकार की (PPP) ट्रिपल पी योजना के तहत अनुबंध किया गया है। आपके माध्यम बस्तरवासी यह जानना चाहते हैं कि कॉन्टिनेंटल संस्था के द्वारा उक्त अस्पताल को चलाने के लिए ट्रिपल पी के माध्यम से कितना रकम खर्च किया गया है जबकि हमें ज्ञात है की जिस भूमि में अस्पताल का निर्माण किया गया है वह भी ग्राम की सरकारी भूमि है निर्माण में लगे रकम सारे सरकारी है जितने उपकरण लगे हुए हैं वह भी सरकारी है इसमें कहीं भी कॉन्टिनेंटल का किसी प्रकार का कोई रकम खर्च नहीं हुआ है ऐसा प्रतीत होता है की सैकड़ो करोड रुपए खर्च करके हमने एक निजी संस्था को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस अस्पताल का निर्माण किया है यदि ऐसे ही लाभ पहुंचाना है था तो विज्ञापन के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया में जाकर इस अस्पताल का प्राइवेटाइजेशन किया जाना था परंतु आज भी बस्तरवासी इस बात से अनभिज्ञ हैं की किस प्रकार के अनुबंध के तहत यह अस्पताल कॉन्टिनेंटल संस्था को दिया गया है क्या कॉन्टिनेंटल संस्था के द्वारा इसमें लगे लागत का 60% डिपॉजिट सरकार के पक्ष में किया है यदि नहीं तो फिर यह कैसा करारनामा है जो सिर्फ एक प्राइवेट संस्था को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। जिस वजह से उक्त प्राइवेट संस्था कॉन्टिनेंटल के द्वारा इलाज के नाम पर मनमानी दरों पर रकम लेने की तैयारी कर चुके हैं इन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती करके इलाज शुरू करना चाहिए।जबकि उक्त संस्था के द्वारा स्थानीय शासकीय डॉक्टर को अधिक वेतन देकर नियुक्ति देकर यहां की पूर्व से संचालित स्वास्थ्य सुविधा को खत्म कर ने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा ह।

श्री चौधरी ने आगे कहा उक्त विषय पर गहन चिंतन करते हुए डिमरापाल स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को संचालित करने वाली हैदराबाद की प्राइवेट संस्था कॉन्टिनेंटल के प्रबंधन को बस्तर वासियों का निशुल्क इलाज करने एवं ओपीडी की पर्ची शासकीय दर ₹ 10/-करने की स्पष्ट निर्देश देकर बस्तर वासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर हो रही परेशानियों से राहत दिलाने का कष्ट किया जाए अन्यथा इस निजी संस्था के अनुबंध को निरस्त किया जाए।

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