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बालक आश्रम मरम्मत हेतु हुवा 15 लाख स्वीकृति पर कुछ माह भी नहीं टिक पाया कमरे मे लगाया हुवा दरवाजा, पेंटिंग, वाटर प्रूफिंग, कुछ दरवाजे, कुछ खिड़की, और कुछ टाइल्स लगा, हो गया कार्य पूरा, आदिम जाती कल्याण विभाग द्वारा कर दिया गया लाखों का भुगतान व अभी भी भुगतान है शेष, कार्य पूर्णतः गुणवत्ता हिन, क्या जिला प्रशासन बस्तर करेगी जांच /कार्यवाही

 



बालक आश्रम पाथरी मे डी.एम.एफ.टी योजना के अंतर्गत आश्रम जीर्णोद्धार का होना था कार्य, 15 लाख स्वीकृति के बाद भी कुछ माह तक टिक नहीं पाया चौखंट मे द्रवाजा, कई टाइल्स लगाने के कुछ दिन बाद निकले , क्या जिला प्रशासन शीर्ष पद पर कार्यरत जिम्मेदारो पर करेगी कार्यवाही - नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच 


मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया है की आदिम जाति कल्याण विभाग जिला बस्तर द्वारा कराया गया बाल आश्रम व कन्या आश्रम मे जीर्णोद्धार के कार्य पर साक्ष्य के साथ खुलासा किया जा रहा है और जिला प्रशासन से कार्यवाही की उम्मीद की जा रही है, फिर भी किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के कानो मे जूँ तक नहीं रेंग रही क्यों,क्या भाजपा की  ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से इस भ्रष्टाचार को दिया जा रहा बड़ावा और अगर नहीं तो कार्यवाही क्यूँ नहीं


भवानी ने बताया कि बकावंड ब्लॉक के पाथरी आश्रम में पिछले 2024-2025 में वित्तीय वर्ष में आश्रम का जीर्णोद्धार कार्य पर 15 लाख की राशि स्वीकृत थी और यह भी अच्छी बात है कि लाखों रुपए की राशि में बच्चों के रहने के स्थान पर भवन को संवारा जा रहा है, पर यह क्या भवन को मरम्मत के नाम पर केवल लाखों कमाने का जरिया मात्र बना के रख दिया गया है,। जो कांकेर जैसे बस्तर जिले के बाहर के जिले के ठेकेदारो को बुलाकर यह कार्य कराया जा रहा है, और सबसे चौकाने वाला विषय यह है की प्रत्यक कार्य का अंतिम मे निरीक्षण अधिकारी द्वारा कार्यों को फाइनल हरी झंडी दें जाती है की कार्य बढ़िया है या अच्छा है जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया की जाती है तो सवाल यह है की जीर्णोद्धार का कार्य देखते ही दिखाई पड़ता है की कार्य पूर्णतः गड़बड़ है तो फिर यह अधिकारी क्या देख कर कार्य को अच्छा बता भुगतान की ओर आगे बड़ाने का काम करते है और भुगतान करता अधिकारी द्वारा भी बिना कार्य देखें भुगतान कर दिया जा रहा है आखिर क्यूँ*


भवानी ने स्पष्ट बयान में कहा है कि बस्तर जिला प्रशासन करें इस पाथरी बालक आश्रम मे कार्यवाही के साथ उक्त यह कोलावल कन्या आश्रम मे, लोहांडीगुडा ब्लॉक के अंतर्गत कन्या आश्रम मे, सुलेंगा बालक आश्रम, अलनार बालक आश्रम, चंदेला बालक आश्रम, चंदनपुर बालक आश्रम, चंदनपुर बालक आश्रम, इतने आश्रमो मे जिला प्रशासन कार्यवाही करने की ओर आगे बड़े देखिये फिर कैसे लाखों का भ्रष्टाचार सामने आएगा स्पेशल निवेदन है जिला प्रशासन से की कार्य से जुड़े ईमानदारी से निरीक्षण करता अधिकारी, भुगतान करता अधिकारी, कार्य से जुड़े ठेकेदार और इन सबका मेन बॉस आदिम जाती कल्याण विभाग के प्रभारी जिनका सम्पूर्ण ज़िम्मेदारी बनता है की वे स्वयं अपने निगरानी मे कार्य को करवाए पर ऐसा हो नहीं रहा अभी और बहुत आश्रम है जिनमे हो चूका खुलकर भ्रष्टाचार जल्द ही उन सब का भी खुलासा कर कार्यवाही की ओर आगे बढ़ने का कदम उठाया जाएगा



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