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आदिवासी अधिकारी ही आदिवासी बच्चों के पढ़ाई रहन सहन के नाम पर कार्य का लाखों का भुगतान कर दे रहे लाखों का भ्रष्टाचार को अंजाम, बालक आश्रम सुलेँगा मे हो गया लाखों रुपय गमन जल्द हो दोषियों पर कार्यवाही - और कार्यवाही नहीं तो आरोप सही

                        


बालक आश्रम व स्कुल भवन बनाने व सुधारने के नाम पर अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने लगाए लाखों का चुना, आदिम जाती कल्याण विभाग आदिवासी बच्चों का भविष्य बनाने के लिए या उनके आश्रम की देख रख के नाम भ्रष्टाचार करने के लिए, जिला प्रशासन तत्काल करें जांच व नियमानुसार कार्यवाही - नरेन्द्र भवानी /संस्थापक छत्तीसगढ़ युवा मंच /कांग्रेसी नेता

मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक व कांग्रेसी नेता नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर आदिम जाती कल्याण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार की मिली भगत से बालक आश्रम सुलेँगा लोहाण्डीगुडा विकास खंड अंतर्गत का जीर्णोद्धार, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, शौचालय स्नान गृह निर्माण जैसे कार्यो पर लाखों की राशि स्वकृत हुवा किन्तु काम हैँ अधूरे या यूँ कहु ना के बराबर आखिर इतनी बड़ी भ्रष्टाचार कैसे हुवा, किसके संरक्षण मे हुवा, उक्त दूसरे आश्रमो मे हुवे जीर्णोद्धार के नाम पर भ्रष्टाचार की लिखित शिकायत आदिम जाती कल्याण विभाग व शिक्षा विभागजिला बस्तर को लिखित शिकायत दिए 1 माह होने को पर दूरभाग्य भाजपा की सुशान सरकार मे अधिकारी ठेकेदार मस्त और आदिवासी बच्चों का भविष्य अँधेरे मे करने की ओर जिम्मेदार आखिर जांच व कार्यवाही कब होगा, क्या भ्रष्टाचार का उजागर करने के बाद भी कार्यवाही के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़ेंगे या कोर्ट तक जाने की नौबत आएगी समझ से परे

भवानी बयान मे बताया हैँ की 17 दिसंबर 2025 के विधानसभा सत्र मे विभाग द्वारा यह सत्यापित जानकारी दी गई की मुख्यमंत्री स्कुल जतन योजना अंतर्गत हुवे कार्य पूर्ण, राशि स्वीकृत व गुडवत्ता जांच प्रतिवेदन प्राप्त जबकि मै स्वयं सुलेँगा बालक आश्रम का मूल्यांकन की अतिरिक्त कक्ष ख़राब क़्वालिटी से केवल दिवार खड़े मिले खंडर जैसा हाल, शौचालय निर्माण स्नान गृह निर्माण कार्य भी देखने नहीं मिला और यह कार्यो मे विभाग द्वारा मूल्यांकित राशि वर्ष 22-23 मे 912826 नौ लाख बारह हजार आंठ सौ छब्बीस रुपय तो वर्ष 23-24 मे 18.74 लाख स्वीकृत राशि हूई, इतने लाखों रुपय इस आश्रम को ठीक करने सुधारने हेतु मिला यह कार्यो को पूर्ण बताया गया बावजूद लूट भ्रष्टाचार आखिर कैसे बिना विभागीय अधिकारियों के संरक्षण के ऐसा कर पाना संभव नहीं और तो और आश्रम के अधिक्षक द्वारा बाकायदा गुडवत्ता जांच प्रतिवेदम पत्र दिया गया हैँ, जब काम ही गड़बड़ हुवा तो गुडवत्ता प्रतिवेदन पत्र क्यूँ देना


भवानी ने आगे बयान मे कहा हैँ की बस्तर जिला प्रशासन तत्काल से तात्कालीन आदिम जाती कल्याण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी, संबंधित कार्य से जुड़े इंजीनियर इनको एस.डी.ओ. और कार्य की निगरानी करने वाले क्रमचारी पर जांच उपरांत नियमनुसार कार्यवाही कर भ्रष्टाचार किया गया राशि की रिकवरी कर आश्रम को अच्छे अस्तित्व लाने पर खर्च करें,जिम्मेदार ठेकेदार पर भी जिला प्रशासन कार्यवाही उपरांत उचित कदम उठाए

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